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यूपीएससी परीक्षा में बढ़ा गोंदिया का गौरव.. गोंदिया के मुंदड़ा परिवार के श्रवण ब्रजरतन मूंदडा ने हासिल की 275 वीं रैंक..

जगप्रेरणा गोंदिया।
देश की सबसे कठिन और प्रशासनिक पदों पर कार्य करने का अवसर प्रदान करने वाली यूपीएससी परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम 6 मार्च को घोषित किये गए, जिसमें गोंदिया के राधावल्लभ जी मुंदड़ा परिवार के श्रवण ब्रजरतन मूंदडा ने 275 वी रैंक हासिल कर परिवार, समाज एवं अपने शहर गोंदिया का
नाम गौरवान्वित किया है। श्रवण मुंदड़ा की सफलता के संदर्भ में कहा जा सकता है कि श्रवण ने सिर्फ तीन साल की कोशिशों में ही यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर ली है, जो कि बड़ी बात कही जा सकती है।
एैसी रही शैक्षणिक यात्रा..
दैनिक जगप्रेरणा से चर्चा करते हुए श्रवण मुंदड़ा ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा विवेक मंदिर गोंदिया से हुई है। कक्षा दसवीं तक गोंदिया में अध्ययन के बाद उन्होंने सेंटर प्वाईंट स्कूल से कक्षा 12 वीं की पढ़ाई की, और उसके बाद द हिन्दु कॉलेज नई दिल्ली से बीकॉम में स्नातक डिग्री प्राप्त की, वहीं उसके बाद कोलकाता के आईआईएम कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई की। श्रवण मुंदड़ा ने आगे बताया कि एमबीए करने के बाद मुझे कन्सल्टींग द्वारा एक जॉब भी ऑफर हुआ, जिसे मैंने किया। 22 महीने तक मैंने सिनियर कंसल्टेंट के रुप में अमेरिकन फर्म में काम किया।
और फिर बढ़ाये यूपीएससी की ओर कदम..
श्रवण मुंदड़ा ने आगे बताया कि एमबीए की पढ़ाई और जॉब के दौरान उन्हें उनके एक वरिष्ठ से प्रेरणा मिली, जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की। वो एक आईएएस के रुप में सेवाएं दे रहे हैं। उनसे मुझे प्रेरणा मिली की यूपीएससी के माध्यम से हम अपना कैरियर तो बनाएंगे ही, परंतु हमें उच्च पदों पर कार्य करते हुए देश और समाज के लिये भी कुछ अच्छा करने का अवसर प्राप्त होगा। बस उनसे प्रेरणा लेकर मैंने 2022 में यूपीएससी की ओर कदम बढ़ा दिये।
सिर्फ दो साल में यूपीएससी में प्राप्त हुआ लक्ष्य..
श्रवण मुंदड़ा ने आगे बताया कि 2022 में मैंने जब प्रयास शुरु किये, तब सिर्फ एक महीने बाद यूपीएससी की परीक्षाएं थी। मैंने अपना पहला अटेम्ट दिया, उसके बाद 2023 एवं 2024 में भी कोशिश की। 2024 में मुझे सफलता प्राप्त हुई, और इंडियन रेलवे सर्विस मैनेजमेंट के लिये मेरा चयन हुआ। इसके बाद फिर मैंने 2025 में एक और प्रयास किया, और अबकी बार देश में 275 वीं रैंक प्राप्त कर सफलता प्राप्त हुई है। फिलहाल मेरी इंडियन रेलवे सर्विस में ट्रेनिंग शुरु है, वहीं मुझे यूपीएससी में मिली सफलता के बाद आईआरएस मिलने की संभावनाएं है।
पिता ब्रजरतन मुंदड़ा ने भी कि पुत्र की प्रशंसा..
श्रवण मुंदड़ा के पिता ब्रजरतन मुंदड़ा ने जगप्रेरणा को बताया कि उनके दो पुत्रों में छोटा श्रवण बचपन से ही पढ़ाई में होशियार था, और अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर भी। यही कारण है कि उसने निरंतर कम समय में सफलता अर्जित की। सिर्फ दो प्रयासों में उसने यूपीएएससी में 275 वीं रैंक प्राप्त कर परिवार का गौरव बढ़ाया है। पिता ब्रजरतन मुंदड़ा ने कहा कि श्रवण की कोशिशों और सफलता के कारण पुरे परिवार को बधाईयां और शुभकामनाएं मिल रही है।

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