राष्ट्रीय

मुख्यमंत्री विजय ने शराब की 717 खुदरा बिक्री दुकानों को बंद करने का दिया आदेश

चेन्नई।
तमिलनाडु में महिलाओं और कुछ राजनीतिक दलों द्वारा पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने मंगलवार को राज्यभर में सरकारी स्वामित्व वाली 717 खुदरा शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया जिनमें पूजा स्थलों के पास स्थित 276 दुकानें भी शामिल हैं।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जनता के कल्याण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विजय ने शराब की खुदरा दुकानों को बंद करने का आदेश जारी किया है। विपक्षी दल द्रमुक ने इस कदम को ‘महज प्रचारÓ कहकर इसका मजाक उड़ाया। तमिलनाडु में शराब की बिक्री सरकार के राजस्व के प्रमुख स्रोतों में से एक है।
विज्ञप्ति के अनुसार, इसके तहत अगले दो हफ्तों के भीतर पूजा स्थलों के पास स्थित 276 दुकानें, शैक्षणिक संस्थानों के पास स्थित 186 दुकानें और बस अड्डों के पास मौजूद 255 दुकानें बंद कर दी जाएंगी। राज्य में, विशेषकर महिलाओं और पीएमके जैसे कुछ राजनीतिक दलों की ओर से व्यापक मांग रही है कि तमिलनाडु में सभी शराब की दुकानें बंद कर शराबबंदी लागू की जाए। इसके जवाब में द्रमुक के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने दावा किया कि टीएएसएमएसी द्वारा संचालित दुकानें धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के बाहर मौजूद नहीं हैं। उन्होंने मजाक उड़ाते हुए ‘एक्सÓ पर कहा, “क्या वे नयी दुकानें खोलेंगे और फिर उन्हें बंद कर देंगे? यह महज़ प्रचार है। तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) राज्य भर में शराब की 4,765 खुदरा दुकानों का संचालन करता है। वर्ष 2025 में, तमिलनाडु में शराब की बिक्री से राजस्व 48,344 करोड़ रुपये था। टीएएसएमएसी विदेशों से आयातित शराब के 551 ब्रांड बेचता है, जिनमें लाइसेंस प्राप्त खुदरा दुकानों के माध्यम से बेची जाने वाली वाइन के 223 ब्रांड शामिल हैं।

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